अब तक कितने
Thursday, August 6, 2026
Saturday, October 12, 2024
Thursday, May 23, 2024
पगडंडियां: कुछ सिक्स वर्ड स्टोरीज
1. हौसले रहते...पगडंडियां खत्म नहीं होती।
2. पगडंडियां उम्मीदें जगाती, हौसले हो अगर।
3. पगडंडियां थकती नहीं, उम्मीदें खोने तक।
Saturday, August 12, 2023
जिंदगी की हकीकत
चलो आज मरते है
एक मौत
झूठ-मूठ की
और देखते है
कितना अलग है
जिन्दगी रोज से
कितने लोग सच में रोते है
और कितने हमदर्द खुश होते है
पता तो चले हम जिन्दगी भर
परेशान रहे जिनके लिए
वो कितना परेशान है हमारे लिए
देखे इस जिन्दगी की
हकीकत क्या है।
Saturday, April 1, 2023
रोटी
रोटी
रोटी सिर्फ रोटी नहीं
तपन सपनो की
मिठास प्यार की
कारीगरी हाथो की
उम्मीद ख्वाबो की
और स्वाद तानो का
सच कितना कुछ है
माँ तुम्हारी इस रोटी में।
Wednesday, February 23, 2022
Wednesday, January 5, 2022
नींद
नींद
आने से पहले
आज फिर
गुजरी थी
शोर मचाते हुये
तेरी खामोशियाँ
अब किस किस से छिपाऊँ
कि सुबह होने को आयी
नींद का इन्तेजार करते करते।
Sunday, December 19, 2021
यादें
1.
आज पुरे दिन
मन में रही
एक सुखद सी शान्ती
सुबह सुबह जो
उनकी यादो को
इरेजर से मिटा दिया था
हमेशा के लिए।।
Monday, December 3, 2018
कुछ सिक्स वर्ड स्टोरीज -२
१. फूल माली नहीं, कांटें बचाते हैं ।
२. मिलना था ...बीमारी की अफ़वाह फैलायी।
३. ‘कल’ के लिए ‘आज’ खोया मैंने ।
४. क़िस्मत में दर्द था ...मुहब्बत हुई ।
५. जान जाए, ऐसा इम्तिहान न लीजिए ।
२. मिलना था ...बीमारी की अफ़वाह फैलायी।
३. ‘कल’ के लिए ‘आज’ खोया मैंने ।
४. क़िस्मत में दर्द था ...मुहब्बत हुई ।
५. जान जाए, ऐसा इम्तिहान न लीजिए ।
Saturday, December 16, 2017
कुछ सिक्स वर्ड स्टोरीज़
1. ख़्वाहिशें मरती नहीं ...न मर पाउँगा।
2. हम्हीं ज़ुल्म सहे, हम्हीं ज़ालिम कहलाये।
3. सबसे मुश्किल है , इश्क़ छुपा लेना ।
2. हम्हीं ज़ुल्म सहे, हम्हीं ज़ालिम कहलाये।
3. सबसे मुश्किल है , इश्क़ छुपा लेना ।
4 वजूद रहे .... क़त्ल करी कई ख़्वाहिशें ।
5. उन्हें नागवार गुज़रा, बग़ैर उनके जीना ।
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