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Tuesday, May 31, 2011

क्या आप ने मिस्ड काल दिया ?

32 लाख लोगोँ ने अबतक मिस्ड काल इस नम्बर ०२२ ३३०८११२२ कर लिया है.

क्या आपने ०२२ ३३०८११२२ पर missed call दिया ?


अगर  आप भारत स्वाभिमान के भ्रष्टाचार आन्दोलन से सीधे नहीं जुड़ पा   रहे हो तो ऊपर के  इस नंबर पर मिस्ड कॉल करके आप अपना योगदान कर सकते है.

          *******************
जाग उठे हैं लोग देश में, आंधी चलने वाली है
भूख और भ्रष्टाचार में डूबी, रात गुजरने वाली है

चार जून को राम देव जी, दिल्ली को ललकारेंगे -२
हम भी बाबा साथ तुम्हारे , लाखों लोग पुकारेंगे...

लाखों लोग करेंगे अनशन, ऐसी क्या मज़बूरी है -२
जो नहीं जानते गौर करे , ये मुद्दे बहुत जरुरी है

दुनिया के बाकि देशों में, नहीं चलते नोट हजारी है -२
क्यों भारत में हैं बड़े नोट , भारत की क्या लाचारी है
 
बड़े नोट ही नकली छपते , छोटे नोटों में घाटा है -२
नकली नोट का देश में आना , अपने मुहं पर चांटा है

भ्रस्टाचारी के घर दफ्तर , रेड जहाँ भी मारी है -२
रजाई , गद्दे , तकियों तक से , निकले नोट हजारी है...

बड़े नोट गर बंद किये तो , आतंकी खुद मर जायंगे -२
नकली नोट नहीं होंगे, तो बन्दूक कहाँ से लायेंगे

बड़े नोट बंद करवाना , नहीं मुद्दा कोई निराला है -२
हुआ तीन बार भी पहले , ये फिर से होने वाला है

बड़े नोटों को बंद करो , ये पहली मांग हमारी है -२
पड़ा जो इसकी खातिर मरना , इसकी भी तयारी है

फिर ना समझना बेवकूफ है -२ , जनता भोली भाली है -२
जाग उठे हैं लोग देश में, आंधी चलने वाली है

भूख और भ्रष्टाचार में डूबी, रात गुजरने वाली है
आजादी के बाद देश को, नेता इतना लूट गए -२

खादी से विश्वाश के अपने , धागे सारे टूट गए
भ्रष्टाचारी नेता अधिकारी , भारत को खाते जाते हैं
लूट लूट के देश का पैसा , स्विस बैंक पहुंचाते हैं

स्लम डोग हम कहलाते , गिनती होती कंगलो में -२
क्योंकि, 400 लाख करोड़ खा गए नेता , पिछले पैंसठ सालो में
 
(यह कविता  भारत स्वमिमान के फेसबुक   से साभार ली गयी है )

20 comments:

  1. सटीक पंक्तिया ..... हालात सच में चिंताजनक हैं....

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  2. पहले शब्द से आखिरी शब्द तक बस ये ही कहूगी कि ............वाह.............वाह.....

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  3. हम तो ऐसी आभासी क्रांति के स्‍पर्श-सुख से बचे रहना चाहेंगे.

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  4. क्या बात है। शानदार। मुद्दे की सही विवेचना की है आपने।

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  5. देश विशेष बने, शेष न रह जाये।

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  6. आपका प्रयास सराहनीय हैं उपेन जी
    और प्रेरक एवं अच्छी रचना के लिए बधाई

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  7. har har mahadev... ham bhi bhrashtachaar ke khilaaf hai... bahut samayik rachna... Sadar
    aapka mere blog Amritras me swagat hai...

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  8. उपेन जी,
    हमारी शुभकामनायें हर उस मिशन के साथ हैं जो देश को सर्वोपरि रखते हैं।

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  9. इटली की रानी अब कब तक खैर मनाएगी
    रामदेव की आंधी अब क्या रोके से रुक पायेगी???

    भारत माता की जय

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  10. सटीक पंक्तिया ...हालत खराब है पर जरुर सुधरेंगे

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  11. sateek kavita

    ham sab ek hain baba ke sath hain!
    is vyavastha ko ab badalna hi hoga
    agar aaj nhi to kal bhi kuch nhi hoga
    ab bahut so chuke, isliye ab jaagna hoga!

    Jai Hind, Jai bharat,

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  12. बहुत सुंदर , सार्थक रचना , बधाई....

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  13. अति सुन्दर....!

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  14. JOSH BHARTI HUI RACHNA , BADHAI

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  15. प्रयास सराहनीय हैं उपेन जी
    ... अच्छी रचना के लिए बधाई

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  16. कुछ व्यक्तिगत कारणों से पिछले 15 दिनों से ब्लॉग से दूर था
    इसी कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका !

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" न पूछो कि मेरी मंजिल है कहाँ, अभी तो सफ़र का इरादा किया है
ना हारूँगा मै ये हौंसला उम्रभर,किसी से नहीं खुद से ये वादा किया है"
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आप का इस ब्लॉग में स्वागत है . आपके सुझावों और विचारों का मेरी इस छोटी सी दुनिया में तहे दिल से स्वागत है...