Wednesday, September 14, 2011

हिंदी- दिवस



हिंदी- दिवस के
शुभ अवसर पर
हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए
हुआ था एक सभा का आयोजन
अतिथि महोदय पधारे थे
मंच पर धीरे धीरे
मुस्कराते हुए
फूल मालाओं के बीच
भाषण की शुरुआत की थी
उन्होंने अपने की छोटे से
परिचय के साथ -
" डिअर ब्रदर्स एंड सिस्टर्स
प्यारे से मेरे फ्रैन्डस मुझे
जे. के. साहब के नामे से पुकारते है
मैं तो कोई ज्यादा
पढ़ - लिख नहीं पाया था
पर, मेरा बेटा कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी से
पी. एच. डी. कर रहा है.....।"

11 comments:

  1. लो जी मन गया हिंदी दिवस ... खैर साहब को जाने दीजिये ... आपको हिंदी दिवस की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

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  2. यही देश का हाल हो गया है।

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  3. उपेन बाबू!
    यही नज़ारा है चारों तरफ!!

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  4. आपको हिंदी दिवस की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं|

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  5. हैप्पी हिन्दी डे भी तो कहा होगा अन्त में.

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  6. दिन बहुरेंगे.

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  7. हिंदी दिवस पर
    बहुत ही रोचक और विश्लेष्णात्मक पोस्ट
    हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    *************************
    जय हिंद जय हिंदी राष्ट्र भाषा

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  8. हिंदी को तार-तार करने वालों पर अच्छा व्यंग्य।

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  9. इस पोस्ट के लिए धन्यवाद । मरे नए पोस्ट :साहिर लुधियानवी" पर आपका इंतजार रहेगा ।

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" न पूछो कि मेरी मंजिल है कहाँ, अभी तो सफ़र का इरादा किया है
ना हारूँगा मै ये हौंसला उम्रभर,किसी से नहीं खुद से ये वादा किया है"
. (अज्ञात)
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