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Saturday, September 17, 2011

प्रिय मित्रों और आदरणीय जनों

कुछ व्यक्तिगत कारणों  और समयाभाव के कारण अभी आर्कुट, फेसबुक  और ब्लॉग पर उपलब्ध नहीं रह पाउँगा और वापसी के बारे में अभी  कुछ कह नहीं सकता.  आप सभी लोंगों का ये प्यार  मुझे परेशां बहुत करेगा  क्योंकि आप लोंगों ने जो डेढ़ साल की ब्लोग्गिं  में इतना अथाह प्यार जो दे दिया वो इतनी आसानी से मुझसे नहीं सम्हल पा रहा. इतने ढेर सारे प्यार के लिए तहे दिल से शुक्रिया.........
कुछ शब्द और .......
फूलों और काँटों का
साथ साथ रहना
कैसा ये अजीब संयोग 
बनाया है खुदा तुमने
जिसकी खुशबू  हमें लगती है
जितना  ज्यादा अच्छी
काँटों को उतना ही 
         गले लगाना पड़ता है......... 

9 comments:

  1. आप का इंतज़ार रहेगा !

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  2. वापसी का इंतज़ार रहेगा ..

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  3. प्रतीक्षा करेंगें ...शुभकामनायें

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  4. फूल और कांटे, हमेशा ही साथ हैं..

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  5. वापसी का इंतज़ार रहेगा उपेंदर जी

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  6. सही कहा ... फूल और कांटे दोनों साथ चलते हैं ... आपकी वापसी की प्रतीक्षा रहेगी ...

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  7. कांटे भी तो बहार का हिस्सा हैं । जल्द वापसी हो ।

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" न पूछो कि मेरी मंजिल है कहाँ, अभी तो सफ़र का इरादा किया है
ना हारूँगा मै ये हौंसला उम्रभर,किसी से नहीं खुद से ये वादा किया है"
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आप का इस ब्लॉग में स्वागत है . आपके सुझावों और विचारों का मेरी इस छोटी सी दुनिया में तहे दिल से स्वागत है...