© कापीराइट

© कापीराइट
© कापीराइट _ सर्वाधिकार सुरक्षित, परन्तु संदर्भ हेतु छोटे छोटे लिंक का प्रयोग किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त लेख या कोई अन्य रचना लेने से पहले कृपया जरुर संपर्क करें . E-mail- upen1100@yahoo.com
आपको ये ब्लाग कितना % पसंद है ?
80-100
60-80
40-60

मेरे बारे में

मेरे बारे में
परिचय के लिए कृपया फोटो पर क्लिक करें.

Saturday, November 13, 2010

जिंदगी

चित्र गूगल साभार 

23 comments:

  1. बहुत ही सुंदर भाव...... चित्र तो कमाल का है.....

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर.चित्र भी और शब्द भी.

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर चित्र और शब्द..

    ReplyDelete
  4. अरे वाह.... आर्टिस्टिक प्रस्तुति .

    मेरे घर आना जिंदगी..... फुर्सत मिले तो.

    ReplyDelete
  5. upendra ji,
    in chhoti panktiyo me bahut gahari baat kah di hai aapne .
    bahut hi sundar prastuti----
    poonam

    ReplyDelete
  6. खूबसूरत चित्र ने चार चाँद लगा दिए हैं शब्दों में ... बहुत खूब ....

    ReplyDelete
  7. अजी आपकी ये चंद लाइनें और इतना खूबसूरत चित्र कौन रूठ के जा सकेगा

    ReplyDelete
  8. .

    सुन्दर चित्र एवं बढ़िया प्रस्तुति !

    .

    ReplyDelete
  9. सच ,
    ज़िन्दगी इतनी ही खूबसूरत है,
    बस
    मुंह घुमा रक्खा है.
    कोई
    कैसे देख पायेगा इसका असली चेहरा ?

    ReplyDelete
  10. kam kaha...par sab kuch kah diya aapne...bahot sundar prastuti...

    ReplyDelete
  11. आशाओं का दामन नहीं छोड़ना चाहिए...सुन्दर भाव..बधाई.

    _________________
    'शब्द-शिखर' पर पढ़िए भारत की प्रथम महिला बैरिस्टर के बारे में...

    ReplyDelete
  12. शब्दों से ज्यादा खिंचाव चित्र में है .....!!

    ReplyDelete
  13. बहुत खूबसूरत...और चित्र तो कमाल का है सर :)

    ReplyDelete
  14. @ रचना जी
    लेकिन अगर कोई रूठ जाये तो उसे मानना भी तो मुश्किल है.

    ReplyDelete
  15. @ आकांक्षा जी
    धन्यवाद, बहुत सही कहा आपने...आशा के बगैर शायद जीवन नहीं ...

    ReplyDelete
  16. @ हीर जी
    चित्र पसंद आये... शुक्रिया. एक्चुली मुझे इतनी उम्मीद नहीं थी की ये अंदाज लोंगों को इतना पसंद आएगा. बहुत ख़ुशी हुई.

    ReplyDelete
  17. manane ki koshish to kijiye upendra bhai. koi ruthkar kab tak har sakta hai. shyad maan jaye. chitra behad khubsurat hai. aabhar.

    ReplyDelete
  18. जितनी सुंदर कविता है उतना ही सुंदर चित्र भी।

    ReplyDelete
  19. 6/10

    बहुत ही कलात्मक व मनमोहक प्रस्तुति
    पहली नजर में सुन्दर सा ग्रीटिंग कार्ड ही नजर आया.
    आपका चित्र चयन और अर्थपूर्ण पंक्ति दिल जीतने में पूर्ण सक्षम है.
    आप इसका उपयोग किसी विशेष समय पर कर सकते हैं :)

    ReplyDelete

" न पूछो कि मेरी मंजिल है कहाँ, अभी तो सफ़र का इरादा किया है
ना हारूँगा मै ये हौंसला उम्रभर,किसी से नहीं खुद से ये वादा किया है"
.
.
.
आप का इस ब्लॉग में स्वागत है . आपके सुझावों और विचारों का मेरी इस छोटी सी दुनिया में तहे दिल से स्वागत है...