Saturday, September 4, 2010

ग्रुप कैप्टन सचिन रमेश तेंदुलकर


ग्रुप कैप्टन सचिन रमेश तेंदुलकर
छूआ है आज तुमने
आसमां की उन ऊँचाइयों को
जो हुआ करते हैं सिर्फ
ओरों के लिए कुछ सपने।

तुम किया करते थे अपने शतकों से
जिस आसमां को सिर उठाकर नमन
आज लचककर इस धरा पर
उसने किया है तुम्हारा अभिनन्दन।

चूमा है उसने झुककर
आज तुम्हें इस जमीं पर
बिछ गयें हैं फूल हर कदम पर तुम्हारे
गौरवान्वित है सारा देश आज तुम्हीं पर।

तबीयत से तो हर किसी ने यारों
उछाला होगा पत्थर
मगर आसमां को झुका पाया जो
वही है अपना तेंदुलकर।

वायुसेना का ये सम्मान
तुम्हारे उस जज्बे को है सलाम
जिसने कभी हार माना नहीं
हर हल में जीतना
जिसकी है सिर्फ पहचान ।

न मिट सकेगी कभी पहचान
जिसके क़दमों में है आसमान
पूरे भारत देश की शान
तुम हो वो तेंदुलकर महान।

(भारतीय वायुसेना द्वारा सचिन को ग्रुप कैप्टन की मानद उपाधि
से सम्मानित किये जाने के सन्दर्भ में )

(
Photo courtesy - IBN Live)

12 comments:

  1. bhut sunder..........kafi acchhi panktiyan .........

    ReplyDelete
  2. बखूबी अपनी भावनाओं को शब्द दिए आपने.. सचिन को इस सम्मान के मिलने पर बधाई..

    ReplyDelete
  3. इस लिटिल मास्टर के तो हम भी फेन हैं :) उन्हें सम्मान मिलने पर बधाई.
    बहुत सुन्दर भाव अभिव्यक्ति है.

    ReplyDelete
  4. भाई, सचिन को सम्मान के उपलक्ष में लिखी कविता पर बधाई में हमें भी शामिल करो................ बढिया.

    ReplyDelete
  5. आरती जी
    दीपक मशाल जी
    शिखा जी
    विजय जी
    व दीपक बाबा जी
    आप लोंगों क इस कीमती राय के लिये हार्दिक आभार

    ReplyDelete
  6. बहुत अच्छी कविता लिखी है भाई सचिन के सम्मान में... आपको और सचिन को बधाई हो....

    ReplyDelete
  7. आपभी तेंदुलकर के फैन हैं...वाह...तेंदुलकर जिंदाबाद ...
    नीरज

    ReplyDelete
  8. अच्छा अंदाज़ ,भावनाएं बखूबी शब्दों में पिरोई हैं बहुत सुन्दर भाव अभिव्यक्ति है.

    ReplyDelete
  9. upendraji...bahut khoobsurati se apne sachin ji ki safalataon ko abhivyakt kiya hai...congraulations

    ReplyDelete

" न पूछो कि मेरी मंजिल है कहाँ, अभी तो सफ़र का इरादा किया है
ना हारूँगा मै ये हौंसला उम्रभर,किसी से नहीं खुद से ये वादा किया है"
. (अज्ञात)
.
.
.
.
आप का इस ब्लॉग में स्वागत है जहाँ आप अपने मन की बात बेवाकी से कह सकते है यानि हाँ को हाँ और ना को ना . आपकी किसी भी बात को अन्यथा नहीं लिया जायेगा ,बल्कि आपके बेहतर सुझाव मुझे बेहतर दिशा दे सकते है. आपके सुझावों और विचारों का मेरी इस छोटी सी दुनिया में तहे दिल से स्वागत है...